प्रियंका की नरम - गरम गांड

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प्रियंका की नरम - गरम गांड
प्रियंका की नरम - गरम गांड marwadi sex kahani

[ Priyanka's soft hot ass ]

फिर मैंने मेरा लंड तुरंत बाहर निकाल लिया तो दीदी देखकर शरमा गई और अब उन्होंने मेरा लंड देखकर कहा कि हाँ ठीक ठाक है.

में : दीदी प्लीज अब मुझसे कंट्रोल नहीं होता जल्दी से कुछ करो.

फिर दीदी ने यहाँ वहाँ देखा और मेरे गाल पर एक किस करके लंड को हाथ में ले लिया और फिर धीरे धीरे मेरा लंड हिलाने लगी, लेकिन मुझसे अब बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने सीधे दीदी के होंठो पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा. अब दीदी भी मेरे होंठ चूसने लगी और दो मिनट बाद जब हम अलग हुए तो दीदी ने मुझसे कहा कि वाह कितना अच्छा लग रहा है, लेकिन तूने कैसे मेरे होंठ चूमे?

में : क्यों दीदी आप भी तो मेरा लंड हिला रही थी?

दीदी : हाहहाहा.

दोस्तों दीदी बहुत देर तक मेरा लंड हिलाती रही थी और उनके लगातार हिलाने की वजह से में कुछ देर बाद झड़ गया. फिर दीदी ने मुझसे कहा कि अब मेरी बारी और फिर मैंने दीदी की गरम, उभरी हुई चूत पर अपना एक हाथ रख दिया और चूत के अंदर उंगली डालकर अंदर बाहर करने लगा और चूत को मसलने लगा. फिर कुछ मिनट के बाद दीदी झड़ गई और जिसकी वजह से उनकी सलवार गीली हो गई और जो सुबह तक सूख गई, हम अपने स्टोप पर उतर गए.

फिर जब हम मामा के घर पर पहुँचे तो हमे वहां पर पहुंचकर पता चला कि हमारे मामा बिजनेस टूर पर गये हुए है और अब घर पर सिर्फ़ मामी और ऋतु दीदी है (मेरे मामा जी की लड़की) वो दिखने में दीपिका जैसी है और उनकी गांड भी बहुत कमाल की है और में तो उन्हें देखता ही रह गया, वो मुझसे पांच साल और मेरी दीदी से एक साल बड़ी है, उन्होंने हमे पीने के लिए पानी लाकर दिया. फिर हम बाथरूम में जाकर फ्रेश हुए और उसके बाद मामी ने हमारे लिए खाना लगाया और हम सबने एक साथ बैठकर खाया. फिर जब रात हुई तो मामी ने हमसे कहा.

मामी : देखो बच्चों हमारा घर थोड़ा छोटा है, इसलिए में तुम्हे अलग कमरा नहीं दे सकती प्लीज तुम मुझे माफ़ कर दो और अब तुम दोनों ऋतु के कमरे में ही सो जाओ.

फिर हमने कहा कि कोई बात नहीं मामी जी यह सब चलता है और हम दोनों ऋतु दीदी के कमरे में चले गये, वहां पर जाकर मैंने देखा कि उस कमरे में तीन अलग अलग बेड थे, एक पर ऋतु सो जाती थी और बाकी वो दो बेड ऋतु दीदी के भाईयों के थे और जो अब हॉस्टल में रहते है. में और दीदी वहीं पर सो गए और जब रात के 1:30 बजे तो अचानक से मेरी नींद खुल गई. तब मैंने महसूस किया कि मेरा लंड तनकर फुल टाईट था.

फिर मैंने दीदी को जगाया और फिर उनसे कहा कि दीदी प्लीज इसे शांत करो ना. फिर दीदी स्माईल करते हुए उठी और मेरा धीरे धीरे लंड हिलाने लगी और उनके कुछ देर लंड हिलाने के बाद में झड़ गया और दीदी के होंठ चूसकर सो गया. सुबह जब में उठा तो मैंने देखा कि मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हुआ था. दोस्तों अब मेरे लंड को खड़े रहने की एक गंदी आदत सी हो गयी थी.

फिर में उठकर नीचे चला गया तो मुझे पता चला कि उस समय मेरी मामी जी मंदिर गई थी और ऋतु दीदी और सोना दीदी किचन में थी, ऋतु दीदी बहुत मॉडर्न थी तो उन्होंने नाईट पेंट और एकदम टाईट टी-शर्ट पहनी हुई थी, जिससे उनके सेक्सी बदन के हर एक अंग का आकार साफ साफ नजर आ रहा था और मेरी दीदी हमेशा सलवार कमीज़ पहनती है.

अब में उन दोनों की गांड को देखकर बिल्कुल दंग रह गया, क्योंकि एक साथ ऐसे मस्त उभरे हुए चूतड़ मैंने आज तक कभी नहीं देखे थे. तभी ऋतु दीदी वहां से बाहर आने लगी तो में छुप गया और फिर मैंने देखा कि ऋतु दीदी ऊपर कमरे में चली गई. अब में किचन में चला गया और मैंने उनसे कहा कि दीदी प्लीज जल्दी से कुछ करो. दोस्तों वो मेरा तनकर खड़ा हुआ लंड देखकर समझ गई कि में उनसे अब क्या चाहता हूँ? तो वो झट से नीचे बैठी और उन्होंने मेरी पेंट से लंड को बाहर निकाल लिया और ज़ोर ज़ोर से मज़े लेकर मेरा लंड हिलाने लगी. तभी ऋतु दीदी की आवाज़ आई तो मैंने जल्दी से अपनी पेंट को बंद कर लिया और तुरंत बाहर आ गया.

फिर जब नाश्ता बन गया तो ऋतु दीदी टी.वी. देखने लगी और दीदी ऊपर जा रही थी. तभी मैंने उनको सही मौका देखकर अपनी तरफ खींचा और दीवार से लगाकर उनके बूब्स को दबाने लगा और किस करने लगा, लेकिन कुछ देर बाद दीदी मुझे हल्का सा धक्का देकर अपने आपको मुझसे छुड़वाकर शरमाते हुए भाग गई, लेकिन मेरा लंड अब भी पूरा टाईट था और मेरा यह सब गलत काम जो कुछ देर पहले मैंने अपनी दीदी के साथ किया था, ऋतु दीदी ने वो सब कुछ देख लिया था.

अब ऋतु दीदी मुस्कुराते हुए मेरे सामने आई और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि अच्छा क्या यह सब भाई बहन में चलता है? तो दोस्तों मैंने पकड़े जाने के डर से अब तक हुए सारा किस्सा ऋतु दीदी को सुना दिया और मैंने उनसे कहा कि प्लीज वो यह बात किसी को ना बताए. फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या यह सच है? तो उन्होंने कहा कि हाँ और अब उन्होंने मेरे गाल पर एक किस किया और मुझसे कहा कि तू भी जवान है और तेरा लंड भी बहुत बड़ा होगा.

में : यह आप क्या बोल रही हो?

दीदी : अरे किसी को बताना मत वरना में तुम भाई बहन की सच्चाई बाहर सब को बता दूँगी और अब पूरे ध्यान से सुन मेरा बॉयफ्रेंड है और जो मुझे हर रोज़ चोदता है, लेकिन अभी वो किसी जरूरी काम से बाहर गया हुआ है और मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं होता तो में अपनी गरम तड़पती हुई चूत में अपनी उंगली कर लेती हूँ और उसके बाद मुझे वो ख़ुशी मिल जाती है, लेकिन वैसा मज़ा नहीं आता जैसा मुझे अपने बॉयफ्रेंड के लंड से अपनी चूत को चुदवाकर आता है.

तभी उन्होंने इतना कहकर तुरंत मुझे खींचकर सोफे पर बैठा दिया और मेरे होंठ चूसने लगी, मुझसे भी अब रहा नहीं गया और में उनके बूब्स दबाने लगा, उन्होंने अपनी टी-शर्ट को उतार दिया. फिर मैंने अब उनसे कहा कि यह क्या? अगर मामी आ जाएगी तो?

ऋतु दीदी : अरे मम्मी अभी माता के दर्शन को दूसरे गावं गई हुई है और वो दोपहर को आएगी.

दोस्तों मुझसे इतना कहकर उन्होंने अपनी ब्रा को भी उतार दिया और मेरा चेहरा अपने दोनों हाथों में लेकर अपने बूब्स पर दबाने लगी, में भी उनके बूब्स चूसने, दबाने और काटने लगा. अब उन्होंने जल्दी से अपनी पेंट और पेंटी को भी उतार दिया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि चल अब जल्दी से इसमें तेरा लंड डाल दे तो में तुरंत उन पर चड़ गया और मैंने अपना लंड, चूत के मुहं पर रखकर धीरे से धक्का देकर अंदर डाल दिया और मेरा लंड बिना किसी रुकावट के फिसलता हुआ सीधा अंदर चला गया.