किस्मत ने फिर मिला दिया बचपन के प्यार से

Kismat ne fir milz diya bachpan k pyar se

किस्मत ने फिर मिला दिया बचपन के प्यार से
Kismat ne fir milz diya bachpan k pyar se

मैं और मिताली बचपन से साथ मे पढा करते थे हमारे बीच काफी अच्छी दोस्ती थी जो कि आज भी वैसे ही बरकरार है। मिताली हमारे पड़ोस में ही रहती थी हम दोनों का बचपन साथ मे ही बीता लेकिन स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद मिताली चंडीगढ़ चली गयी और वहीं से उसने अपने आगे की पढ़ाई की। Pyar Ka First Kiss

मिताली के मम्मी पापा चंडीगढ़ शिफ्ट हो गए थे और वह लोग वहीं रहने लगे, जबसे वह लोग चंडीगढ़ गए तब से वह लोग कानपुर नही आये। धीरे धीरे समय बीतता गया और मेरे कॉलेज की पढ़ाई भी खत्म होने वाली थी मिताली का ध्यान भी मेरे दिमाग से निकल चुका था।

कॉलेज में नए दोस्तो के साथ रहकर मैं मिताली को भूल चुका क्योकि कॉलेज में मेरे कई नए दोस्त बन गए थे जिस वजह से मिताली का ख्याल मेरे दिमाग से निकल चुका था। समय के साथ साथ मेरे कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी हो गयी और पढ़ाई पूरी होने के बाद हमारे कॉलेज से ही मेरी जॉब के लिए मेरा सिलेक्शन चंडीगढ़ हो गया।

जब मेरा सिलेक्शन चंडीगढ़ हुआ तो मैं बहुत खुश हुआ और मेरे घर वाले भी काफी खुश थे कि अब मेरी जॉब लग चुकी है। कुछ ही दिनों बाद मैं अपनी जॉब के लिए चंडीगढ़ चला गया चंडीगढ़ जाकर सबसे पहले मैंने अपने रहने की व्यवस्था की

मैंने अपने लिए एक रूम ले लिया था, वहीं पर मैं रह रहा था और अगले दिन से मैं अपने ऑफिस जाने लगा। मेरी जॉब को दो महीने बीत चुके थे दो महीने बाद मैं सोचने लगा कि मुझे अब कोई अच्छा सा घर किराए पर ले लेना चाहिए।

मैंने जब इस बारे में अपने ऑफिस के दोस्त अनुपम से बात की तो वह कहने लगा कि तुम फिक्र मत करो मैं तुम्हे कोई अच्छा सा घर किराए पर दिलवा दूंगा। कुछ ही दिनों बाद अनुपम ने एक घर देख लिया और हमारी छुट्टी के दिन हम दोनों घर देखने चले गए, मुझे वह घर काफी पसंद आया और दो तीन दिन बाद मैंने अपना सामान नए घर मे शिफ्ट कर दिया।

नए घर से मेरे ऑफिस की दूरी ज्यादा नही थी इस लिए मैं समय पर घर आ जाया करता था। एक दिन जब मैं अपने ऑफिस जा रहा था तो उस वक्त मुझे मिताली दिखी, पहले तक मैंने मिताली को पहचाना नही वह पूरी तरीके से बदल चुकी थी वह पहले जैसी नही थी।

मिताली ने भी मुझे देख लिया था और देखते ही उसने मुझे पहचान लिया। मिताली मुझे कहने लगी कि तुम सत्यम हो ना? मैंने मिताली से कहा हां मैं सत्यम हूँ वह कहने लगी शायद तुमने मुझे पहचाना नही मैंने मिताली से कहा नही मैंने तुम्हें नही पहचाना।

वह कहने लगी मेरा नाम मिताली है हम दोनों साथ मे पढा करते थे और मैं तुम्हारे पड़ोस में ही रहा करती थी उसके बाद हम लोग चंडीगढ़ आ गए और चंडीगढ़ से ही मैंने अपनी पढ़ाई पूरी की। मैं मिताली से मिलकर बहुत खुश हुआ मैंने मिताली से कहा इतने सालों बाद तुमसे मुलाकात हो रही है मैंने तो तुम्हे बिल्कुल भी नही पहचाना तुम तो पूरी तरीके से बदल चुकी हो।

मिताली मुझे कहने लगी लेकिन तुम तो अभी भी वैसे के वैसे ही हो तुम बिल्कुल भी नही बदले हो। मैने मिताली से कहा मैं तुम्हे शाम के वक्त मिलता हूँ अभी मुझे ऑफिस के लिए लेट हो रही है मिताली कहने लगी ठीक है हम लोग शाम को मिलते है।

मैंने मिताली का नंबर ले लिया था और जब शाम के वक्त मैं फ्री हुआ तो मैंने मिताली को फोन किया और मिताली मुझसे मिलने के लिए आ गयी। जब मिताली मुझसे मिलने आई तो हम लोग एक पार्क में चले गए वहीं बैठकर हम दोनों बातें कर रहे थे।

उस वक्त तो हमारी ज्यादा बात नही हो पाई थी क्योकि मुझे अपने ऑफिस भी जाना था और मुझे देरी भी हो रही थी। मैं और मिताली आपस मे बाते कर रहे थे मैंने मिताली से पूछा तुम क्या कर रही हो तो मिताली ने मुझे बताया कि वह जॉब कर रही है। मैंने मिताली से आंटी अंकल के बारे में पूछा तो उसने मुझे बताया की वह लोग भी अच्छे है।

मिताली ने मुझे अपने साथ घर चलने के लिए कहा लेकिन मैंने मिताली से कहा कि आज नही फिर कभी मैं घर पर आऊंगा। मेरी और मिताली की काफी सारी बाते हुई और हमे इतने वर्षों बाद एक दूसरे से मिलकर काफी खुशी हुई। मिताली और मैं उसके बाद एक दूसरे से मिलने लगे।

जब भी हम दोनों एक दूसरे से मिलते तो हम दोनों को ही बहुत ज्यादा अच्छा लगता। मैं काफी ज्यादा खुश था मिताली और मैं एक साथ समय बिता पाते हैं मिताली को भी मेरा साथ बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा था। एक दिन मै मिताली के घर पर गया यह पहला दिन था जब मैं मिताली के घर पर उससे मिलने के लिए गया था और उस दिन हम दोनों के बीच किस हो गया।

हम दोनों के बीच किस हुआ तो मिताली को इस बात से कोई एतराज नहीं था। मैं काफी खुश था मिताली और मेरे बीच अब और भी नजदीकिया बढ़ती जा रही थी लेकिन यह बात मुझे नहीं पता थी कि मेरे और मिताली के बीच क्या रिश्ता है। मैं मिताली के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगा था।

एक दिन मिताली ने मुझसे अपने दिल की बात कह डाली मिताली ने मुझे जब अपने दिल की बात कही तो मैं भी बहुत ज्यादा खुश हो गया और मिताली भी काफी ज्यादा खुश हो चुकी थी। मिताली और मै बहुत खुश हो चुके थे कि हम दोनों एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे।

हम दोनों को जब भी अकेले में मौका मिलता तो हम दोनों एक दूसरे से मिल लिया करते और मैं मिताली को किस कर लिया करता। मैं मिताली के होठों को चूमता तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता और मिताली को भी काफी ज्यादा मजा आता।

मैंने एक दिन मिताली के स्तनों को दबाना शुरू किया और जब मैं उसके स्तनों को दबा रहा था तो उसे भी बहुत अच्छा लगने लगा और वह पूरी तरीके से गर्म होने लगी। मिताली की गर्मी से मेरा बदन पूरी तरीके से गर्म होने लगा और मेरा लंड मिताली की चूत में जाने के लिए बेताब था।

मैंने जब लड को बाहर निकाला तो उसने तुरंत मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया और उसे हिलाने लगी। जब मिताली ऐसा कर रही थी तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और मिताली को भी काफी मजा आने लगा था। हम दोनों की बढ़ती हुई गर्मी इतनी अधिक हो चुकी थी कि मैं मिताली की चूत में अपने लंड को डालने के लिए तैयार था। “Pyar Ka First Kiss”

मैंने मिताली के बदन से उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसके बदन को मैं महसूस करने लगा। जब मैं उसके स्तनो को चूस रहा था तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था और मिताली को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था।

मैं और मिताली एक दूसरे की गर्मी को शांत करना चाहते थे मैंने मिताली की पेंटी को नीचे उतारते हुए उसकी चूत पर अपनी उंगली को लगाया तो उसकी योनि से पानी बहुत ज्यादा अधिक मात्रा में निकलने लगा था। मिताली की चूत से निकलता हुआ पानी मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ाए जा रहा था।

मैंने मिताली की योनि को चाटना शुरू किया मैंने जब उसकी योनि को चाटना शुरू किया तो उसे मज़ा आने लगा और वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी। मैंने उसकी चूत की गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था वह मेरे बालों को अपने हाथों से खींच रही थी। “Pyar Ka First Kiss”

मैं समझ चुका था अब वह मेरे लंड को लेने के लिए तैयार हो चुकी है। मैंने जैसे ही उसकी योनि पर अपने लंड को सटाया तो वह कहने लगी मुझसे रहा नहीं जाएगा मैं समझ चुका था वह बिल्कुल भी रह नहीं पाएगी। मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को मिताली की योनि के अंदर घुसा दिया।

मिताली की चूत में मेरा लंड जाते ही वह बहुत जोर से चिल्ला कर मुझे बोली मुझे दर्द हो रहा है। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा दर्द होने लगा है लेकिन मुझे पूरी तरीके से मजा आने लगा था और मैं उसे बडे अच्छी तरीके से चोदने लगा था मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी।

वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा तुम मेरा साथ ऐसे ही देती जाओ। वह कहने लगी हां तुम बस मुझे ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था जब मैं ऐसा कर रहा था तो वह ज़ोर से चिल्लाकर कहती मेरी चूत के अंदर से खून निकलने लगा है।

मैंने उसके दोनों पैरों को आपस में मिला लिया मैंने जब उसके दोनों पैरों को आपस में मिलाया तो मुझे उसकी चूत और भी टाइट लगने लगी और वह बहुत ही ज्यादा गर्मागर्म सिसकारियां लेने लगी थी। उसकी गर्म सिसकारियां मुझे और भी ज्यादा गरम कर रही थी। “Pyar Ka First Kiss”

मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था अब मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था जिससे कि मेरा लंड आसानी से उसकी चूत के अंदर जा सके। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर जा रहा था उससे वह पूरी तरीके से मजे मे आ गई और उसकी चूत में मेरा लंड जाते ही वह बहुत मजे मे आ गई।

मैंने उसे कहा मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ गया। हम दोनों ही बहुत ज्यादा खुश हो चुके थे जिस प्रकार से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाए थे उससे हम दोनों पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुके थे और मैंने मिताली की गर्मी को शांत कर दिया था परंतु मिताली की इच्छा मेरे साथ दोबारा से सेक्स संबंध बनाने की थी।

मैंने उसकी इच्छा को पूरा किया मैंने जब अपने लंड को मिताली की चूत के अंदर डाला तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड बहुत ही मोटा और मजेदार है मुझे लंड को लेने में मजा आ रहा है। मैंने उसे कहा तुम मेरा साथ देती जाओ। वह अपने पैरों को खोल रही थी तो मुझे मज़ा आ रहा था और उसे भी बहुत ज्यादा मजा आता जिस प्रकार से मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था। उससे मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ रही थी एक समय ऐसा आया जब मेरे वीर्य की पिचकारी से मैंने मिताली की चूत को पूरी तरीके से भर दिया था और मिताली बहुत ही ज्यादा खुश हो चुकी थी।